पार्वती व गुरूमाता संवाद || पत्नी को रखना चाहिए इन 7 बातों का ध्यान || Wife Must Take Care Of These 7 Things

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पत्नी को रखना चाहिए इन 7 बातों का ध्यान || Wife Must Take Care Of These 7 Things

पत्नी को रखना चाहिए इन 7 बातों का ध्यान ।। पार्वती व गुरूमाता संवाद || शिव महापुराण के अनुसार

पार्वती व गुरूमाता संवाद
पार्वती व गुरूमाता संवाद || पार्वती व गुरूमाता संवाद

दोस्तों कहते हैं पति-पत्नी संसार रूपी रथ के दो पहिए हैं जिनके बिना यह जीवन रूपी रथ अर्थात संसार चल नहीं सकता। लेकिन दोस्तों सुखी दांपत्य जीवन जीने के लिए पति पत्नी दोनों में ही तालमेल होना चाहिए अन्यथा मनुष्य का जीवन दूभर होने में देर नहीं लगती है।

वैसे इसी क्रम में आज हम आपको शिव पुराण में वर्णित देवी पार्वती तथा गुरु माता के बीच हुए संवाद से लिए गए सात ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु प्रस्तुत करने जा रहे हैं जिन्हें सुनकर आपको यह पता चलेगा कि एक पतिव्रता स्त्री को अपने पति के साथ कैसा आचरण करना चाहिए ताकि उसका जीवन स्वर्ग हो सके और जीते जी उधर समस्त प्रकार के सुख तथा बनने के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति हो। तो चलिए शुरू करते हैं


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गुरु माता ने कहा बेटी जोड़ियां ऊपर वाला ही बनाता है भले ही आपको कोई और पसंद हो लेकिन जो आपके लिए सबसे अच्छा है वह उसे ही चुनता है।

बहुत से दंपती अपने जीवनसाथी से संतुष्ट नहीं रहते हैं। वे एक दूसरे के प्रति मन ही मन घृणा का भाव रखते हैं।

भले ही तुम्हारा पति बुरा दिखता हो चाहे वह कमजोर अथवा रोगी ही क्यों ना हो लेकिन पत्नी को किसी भी हाल में उसका साथ नहीं छोड़ना चाहिए और ना ही कभी उसके दोष निकालने चाहिए।

अपितु इस सब के विपरीत पत्नी को सच्चे मन से उसकी सेवा तथा उस से प्रेम करना चाहिए। क्योंकि पत्नी के प्रेम कथा सहित वह मैं वह शक्ति निहित है जिसके प्रभाव से पति की समस्त प्रकार की कमजोरियां रोग तथा दोष नष्ट होने में देर नहीं लगती है।


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इसके बाद दोस्तों गुरु माता ने दूसरी बात बताते हुए कहा पार्वती, संसार की प्रत्येक सुहागन स्त्री को सजना संवरना चाहिए। उसे सोलह श्रृंगार कर पति को रिझाना चाहिए।

उसे किसी भी दशा में बिना श्रृंगार के पति के सामने नहीं जाना चाहिए। किंतु हां यदि किसी कारणवश पति परदेश गया हो तो उस समय पत्नी को सोलह सिंगार नहीं करने चाहिए।

परंतु तब भी उसे हल्दी, रोली, सिंदूर, काजल, मांगलिक आभूषण से परहेज नहीं करना चाहिए।



इसके बाद दोस्तों गुरु माता ने देवी पार्वती को तीसरी बात बताते हुए कहा। बेटी पत्नी को हमेशा ही आज्ञाकारी होना चाहिए। पति के बुलाने पर तुरंत ही उसके पास जाना चाहिए। पति जो आदेश दे प्रसन्नता पूर्वक उसका पालन करना चाहिए।

ना तो पतिव्रता स्त्री को घर के दरवाजे पर अधिक देर तक खड़े रहना चाहिए और ना ही पति की आज्ञा के बिना कहीं जाना चाहिए। यहां तक कि पति की आज्ञा के बिना व्रत तथा उपवास भी नहीं करने चाहिए।



गुरु माता ने पार्वती को पतिव्रता नारी का चौथा गुण बताते हुए कहा कि वह है जो कम खर्च में अपनी गृहस्थी चलाए प्रसन्नता पूर्वक घर के सभी कार्य संपन्न करें, देवता पितर अतिथि एवं गाय तथा भी सभी को अन्य का भाग देने तथा पति को भोजन कराने के बाद ही स्वयं भोजन करें, पति के सोने के बाद ही विश्राम करें तथा पति के जागने से पहले बिस्तर का त्याग कर दे।



आगे गुरु माता ने पांचवी बात कही पार्वती स्त्रियों को रजस्वला होने पर करीब 3 दिनों तक अपने पति को नहीं दिखाना चाहिए।

अर्थात उससे अलग रहना चाहिए तत्पश्चात शुद्ध ता पूर्वक स्नान इत्यादि करके ही पति के समक्ष उपस्थित होना चाहिए। और यदि किसी दशा में पति पास ना हो तो भगवान सूर्य के दर्शन करने चाहिए।



इसके बाद गुरु माता ने छठी बार बताते हुए कहा पार्वती जो स्त्री अपने पति के बाहर से आने पर उसे अन्‍न जल इत्यादि देकर भली प्रकार से उसकी सेवा करती है।

यदि किसी वस्तु की आवश्यकता पड़े तो अचानक से बोलने के बजाय मधुर वचनों से पहले पति को प्रसन्न करती है तब जाकर उसे आगे की बात बताती है।

वह पुण्य अपने प्रताप से अपने पिता माता तथा पति के गुणों की तथा उनकी तीनों पीढ़ियों को सुखी कर देती है।



इसके बाद दोस्तों गुरु माता ने पार्वती को बताते हुए कहा कि यदि पत्नी चाहे तो वह मैथुन काल के समय पति से धृष्टता कर सकती है। उसके सामने धृष्टता यानी कि अपने पति को प्रताड़ित कर सकती है।

किंतु इसके अलावा उसे कभी भी अपने पति के सामने साहस नहीं दिखाना चाहिए। पति के पीठ पीछे कोई भी ऐसा कृत्य नहीं करना चाहिए जिससे कि बाद में पति को परेशानी हो।

उसके पति से द्वेष रखने वाली स्त्री अथवा शत्रु से या किसी ऐसे मनुष्य से जिसने उसके पति का अपमान किया हो उनसे किसी भी प्रकार का व्यवहार कभी नहीं रखना चाहिए।



तो दोस्तों यदि शिवपुराण से ली गई व साथ महत्वपूर्ण बातें जिनका पालन संसार की प्रत्येक स्त्री को अनिवार्य रूप से करना चाहिए ताकि उसका तथा उसके परिवार का कल्याण हो सके।

आशा करते हैं आपको हमारा यह प्रयास जरूर अच्छा लगा होगा। इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!

 

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