पितृ दोष के लक्षण व संकेत क्‍या होते हैं?

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पितृ दोष के 7 लक्षण व संकेत क्‍या होते हैं? Pitradosh ke sanket

क्‍या आपके पितृ भी आपसे नाराज है।। पितृ दोष के 7 लक्षण व संकेत

पितृ दोष के लक्षण व संकेत
पितृ दोष के लक्षण व संकेत

समाज में कई लोग विभिन्न प्रकार की परेशानियों से ग्रस्त हैं। ऐसे में यह लोग अपनी समस्या के समाधान हेतु विभिन्न देवी-देवताओं का पूजन करते हैं लेकिन फिर भी कोई लाभ नहीं होता।

वैसे दोस्तों इसका प्रमुख कारण है पितरों की नाराजगी। जी हां पितृ शक्ति एक ऐसी शक्ति है जो यदि प्रसन्न हो जाए तो रातों-रात मनुष्य का जीवन संवार सकती है।

परंतु नाराज होने पर आपको घोर संकट में डाल देती है। वैसे इसी क्रम में आज हम आपको साथ ऐसे प्रमुख लक्षण बताएंगे जिन्हें जानकर आपको यह पता चलेगा कि कहीं आपके पितृ आप से रूठे तो नहीं है। तो चलिए शुरू करते हैं।



भोजन में बाल आना

दोस्तों कुछ लोगों के साथ बड़ा ही अजीब होता है जब कभी यह भोजन करने बैठते हैं तो इनके भोजन में से बाल निकलता है। भले ही यह भोजन कितनी ही सावधानी से क्यों ना बनाया गया हो।

भले ही साफ-सफाई व स्वच्छता का पूरा ख्याल रखा गया हो लेकिन फिर भी पता नहीं बाल कहां से आ जाता है। और तो और हद तब होती है जब यह लोग किसी रेस्टोरेंट या किसी रिश्तेदार के यहां भोजन करने बैठते हैं तो वहां पर भी बाल निकल जाता है।

वैसे हो सकता है कि आपको यह बात सामान्य लगे लेकिन मान्यताओं के अनुसार यह घटना पितृ दोष का स्पष्ट संकेत है।



अजीब सी दुर्गन्‍ध आना

चलिए अब बात करते हैं दूसरे की, दोस्तों कभी कभी आपने महसूस किया होगा कि जब कभी आप किसी विशेष स्थान पर जाते हैं तो वहां पर आपको एक अच्छी सी गंध आती है जिसे सुनकर आपका मन प्रसन्न हो जाता है।

आमतौर पर यह गंध कुछ विशेष स्थानों से आती है जो इस बात का संकेत है कि वहां पर कोई सात्विक शक्ति वास करती है। किंतु इसके ठीक विपरीत जब आप किसी ऐसे घर में जाते हैं जहां पर आपको दुर्गंध का आभास होता है तो समझ लेना चाहिए कि यह दुर्गंध पितृ दोष की ओर इशारा कर रही है।

वैसे यह दुर्गंध घर के सभी सदस्यों को आती है लेकिन वे दिन-रात सी गंध को सूँघते रहते हैं तो उन्हें इस बात का आभास नहीं होता। और वे ठीक से समझ नहीं पाते।


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सपनों में पितरों का आना

चलिए अब बात करते हैं तीसरे की, दोस्तों वैसे तो सपने आना एक बहुत ही सामान्य बात है। इसमें कुछ नया नहीं है। विशेषकर हमें सपनों में वही लोग दिखाई देते हैं जो हमारे अपने हैं या कहें कि जो अपने थे।

लेकिन अब वे स्वर्गवासी हो चुके हैं। लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि यदि आपका कोई पूर्वज आपको बार बार सपने में दिखे तो समझ लेना चाहिए कि यह स्वप्न सामान्य नहीं अपितु यह पितृ दोष होने का स्पष्ट संकेत है।



खुशी का ज्‍यादा देर तक न रहना

चलिए अब बात करते हैं चौथे लक्षण की, दोस्तों अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ ऐसे होते हैं जो कभी सुख शांति से नहीं रह पाते। इनके साथ हमेशा ही परेशानियां बनी रहती है।

जैसे ही इनका थोड़ा सा अच्छा समय आता है, जैसे ही यह कभी खुशियां उत्सव मनाते हैं कि तभी अचानक से इनकी खुशियों पर ग्रहण लग जाता है।

एकाएक कहीं से कुछ ऐसा घटित होता है जिससे कि रंग में भंग पड़ जाता है। और खुशी का माहौल दुख में तब्दील होता दिखाई पड़ता है। अतः दोस्तों यह भी एक पितृ दोष का ही संकेत हो सकता है।



विवाह में अड़चन आना

दोस्‍तों अक्सर आपने देखा ही होगा कि कुछ लोग बड़ा ही उत्तम आचरण करते हैं। यह बड़े ही अच्छे होते हैं किंतु फिर भी इनका विवाह नहीं होता। ऐसा नहीं है कि इनके लिए लड़कियों की कमी है।

यह कहने का अर्थ यह है कि रिश्ते भी आते हैं और यह लड़कियों को इन्हें लड़कियां भी पसंद आ जाती है। यहां तक कि कई बार शादी की तारीख तय हो जाती है।

लेकिन फिर पता नहीं क्या होता है कि लड़की वालों की तरफ से ना हो जाती है। हो सकता है दोस्तों कि आपने अपने आसपास या फिर रिश्तेदारी में यह होते देखा हो या यह भी हो सकता है कि वर्तमान में आप भी ऐसे ही दौर से गुजर रहे हो।

बहरहाल उपरोक्त में से जो भी हो लेकिन यह स्थिति कैसे मनुष्य के साथ तब होती है जब पितृ दोष होता है।



व्‍यापार अच्‍छा होने पर भी सुकून न होना

दोस्‍तो कई बार लोगों का अच्‍छा व्यापार होता है। कमाई भी ठीक-ठाक हो जाती है लेकिन फिर भी सुकून नहीं मिल पाता। सब कुछ होते हुए भी किराए के घर में रहना पड़ता है।

यहां तक कि कई बार ऐसा भी होता है कि इन्हें कोई संपत्ति विरासत में मिलने वाली होती है लेकिन फिर भी मिलती नहीं। और कई बार ऐसा होता है कि यह अपना मकान दुकान यह जमीन बेचने के लिए अथक प्रयास करते हैं लेकिन फिर भी बेच नहीं पाते या कई बार इसका उल्टा भी हो जाता है।

और जब यह कोई संपत्ति खरीदने जाते हैं तो सब कुछ तय हो जाने के बाद ऐन वक्त पर सौदा कैंसिल हो जाता है। अतः दोस्तों यह परेशानी का सामना पित्र दोष के कारण ही करना पड़ रहा है।



संतान न होना

चलिए अब बात करते हैं सातवें लक्षण की, जो वर्तमान में कई ऐसे दंपत्ति देखने को मिलते हैं जिनकी मेडिकल जांच इत्यादि प्रकार की सभी रिपोर्ट नॉर्मल होती है।

लेकिन इस सबके बावजूद भी यह दंपती संतान सुख से वंचित रहते हैं। या कई बार ऐसा भी होता है कि कभी संतान हो भी जाती है तो या तो वह स्वस्थ व कमजोर होती है या कई बार संतान गलत रास्ते पर चली जाती है।

ऐसे में मां-बाप सोचते हैं कि पता नहीं उन्होंने क्या बात किए थे जिससे उन्हें ऐसी संतान मिली। लेकिन दोस्तों यदि कोई दंपती संतान सुख से वंचित है तो उसे समझ लेना चाहिए कि यह लक्षण पित्र दोष होने का संकेत है।



चलिए अब बात करते हैं पित्र दोष निवारण हेतु किए जाने वाले उपायों की। पितृ शांति के लिए कई उपाय किए जाते हैं और इस सब के लिए आपको बहुत अधिक धन भी खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।

और इनमें कुछ उपाय ऐसे भी हैं जिन्हें आप अपने घर पर ही कर सकते हैं। इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करें और आप सभी मित्रों का बहुत-बहुत धन्यवाद!

 

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