हुंजा घाटी के बारे में अनोखे और रोचक तथ्‍य || आपको कितने पता थे?

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हुंजा घाटी (Hunja Ghati) के बारे में अनोखे और रोचक तथ्‍य || आपको कितने पता थे?

हुंजा घाटी (Hunja Ghati) के बारे में अनोखे और रोचक तथ्‍य || आपको कितने पता थे?

हुंजा घाटी


हुंजा घाटी (Hunja Ghati) , क्‍या आपने यह नाम कभी सुना है? यदि नहींं सुना तो आपको बता दें कि यह भारत का स्‍वर्ग या जन्‍नत कश्‍मीर का ही हिस्‍सा है।

पर हुंजा घाटी (Hunja Ghati) क्‍यों इतनी प्रसिद्ध है, (Why is Hunja Ghati famous) और क्‍या हैं हुंजा घाटी के बारे में अनोखे और रोचक तथ्‍य आइये जानते हैं इस पोस्‍ट के द्वारा।

इस विविधता से परिपूर्ण विचित्र  दुनिया में बहुत सी जनजातियां पाई जाती हैं। इन्‍हीं अनोखी जनजातियों में से एक जनजाति हुंजा है। यह अभी पी० ओ० के० ( पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर ) में गिलगित-बाल्टिस्तान के पहाड़ों स्थित हुंजा घाटी में पाई जाती है.

हुंजा क्षेत्र भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा के पास स्थित है। असल में इस गांव को युवाओं का नखलिस्तान भी कहा जाता है।



और अगर बात करें यहां के लोगों की औसत उम्र के बारे मेंं तो आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि यहां के लोगों की औसत उम्र 110-120 साल के बीच में है। 

इस जनजाति की एक और खास बात यह है कि यहां के लोग बहुत ही खूबसूरत और जवान-जवान से दिखते हैं। खास तौर पर महिलाएंं , जो कि 65 साल तक जवान रहती हैं। दुनिया में ऐसे बहुत कम ही स्‍थान हैं जहांं की महिलाएं इस उम्र में भी संतान को जन्म देने की काबिलियत रखतीं हैं।

अब बात करते इस गांव की भौगोलिक स्थिति के बारे में। हुंजा गांव हिमालय की पर्वतमाला पर स्थित हैं। इसे दुनिया की छत भी कहा जाता है। यह भारत के उत्तरी छोर पर स्थित है।

इस स्‍थान से आगे जाने पर भारत, पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान की सीमाएं मिलती है।

हुंजा जनजाति लोगों की जनसंख्या लगभग 87 हजार है।  हुुंजा जनजाति और उनकी जीवन शैली सैकड़ों साल पुरानी है। हुंजा जनजाति के लोग बिना किसी समस्या के कई सालों तक जीवित रहते हैं। 



ऐसा इसलिये भी संभव है क्‍योंकि यह लोग बहुत कम बीमार होते होंगे। यह सब संभव है इनकी जीवन शैली के विशेष होने के कारण।

यह भी पाया गया है कि इनमें से कई लोग तो 150 साल से ऊपर तक जीवित रहते हैं। हुंजा (Hunja Ghati) जनजाति की खास बात यह है कि यहां के लोग बहुत कम बीमार पड़ते है।

ट्यूमर, जिसे सुनकर हम आप लोग तो डर जाते हैं उस जैसी बीमारी का तो उन्होंने कभी नाम भी नहीं सुना।

तो अब आप इन लोगों को देखकर ये अंदाजा तों लगा ही सकते हैं कि खानपान और अच्छी जीवन शैली लोगों के जीवन को किस हद तक प्रभावित करती है।

हुंजा के लोगों का पसंदीदा फल है खुमानी और इसीलिये ये लोग खूब खुमानी खाते हैं। इन अनोखे लोगों को देखकर तो कुछ लोग हुंजा जनजाति के लोगों को किसी यूरोपीय नस्ल से जोड़ कर देखते हैं।

और यहां वास्तव में लोग गोरे-चिट्टे, जवान, हंसमुख पाये जाते हैं। ये लोग आसपास रहने वाले लोगों की आबादी के बिल्कुल अलग दिखते हैं।


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ये लोग पहाड़ों पर रहते हैं और कम तापमान में रहने के आदी होते हैं। हुंजा जनजाति (Hunja Janjati)के लोग शून्य से भी नीचे के तापमान पर बर्फ के ठंडे पानी में नहाने की काबिलियत रखते हैं।

इन लोगो का तो एक ही सिद्धांत है। वह यह है कि ये लोग वही खाना खाते हैं जो ये खुद उगाते हैं। उदाहरण के लिये खुमानी, मेवे, सब्जियां और अनाज में जौ, बाजरा और कूटू।

बेहतर जीवन शैली के लिये ये कम खाते हैं और पैदल ज्यादा चलते हैं। हर रोज 10 से 20 किलोमीटर तक चलना और टहलना उनकी जीवन शैली का अभिन्‍न हिस्‍सा है।

और जो हम सभी अपनी जिंदगी में बिल्‍कुल ही भूल चुके हैं वह तो इनकी खासियत है। यहां बात हो रही है हंसने की। हँसना तो इनकी जीवन शैली का हिस्सा है।


 

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