10 सबसे सुंदर स्त्री || Top 10 Most Beautiful Hindu Women

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10 सबसे सुंदर स्त्री || Top 10 Most Beautiful Hindu Women

हिन्दू महाकाव्यों के अनुसार 10 सबसे सुंदर स्त्री | Top 10 Most Beautiful Women In Hindu epics

10 सबसे सुंदर स्त्री
10 सबसे सुंदर स्त्री || 10 सबसे सुंदर स्त्री

दोस्‍तों अक्‍सर ही अप्सराओं व दिव्य स्त्रियों का वर्णन मिलता है जिनकी खूबसूरती को बेजोड़ बताया जाता है। आज हम हमारे प्राचीन इतिहास को खंगाल कर आप सबके लिए जो जानकारी लाए हैं उसमें हम जानेंगे कौन थी 10 सबसे अनुपम सुंदर स्त्रियां हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार। 


(1). अहिल्‍या

अहिल्‍या, ब्रह्मा जी की पुत्री थींं। इनको वरदान प्राप्त था कि ये सदैव 16 साल की बनी रहेंगी। ये बहुत सुंदर थी और तब सभी ऋषि और देवता उनसे विवाह करना चाहते थे।

देवराज इंद्र भी इनको प्राप्त करना चाहते थे। जब अहिल्‍या का विवाह गौतम ऋषि के साथ हो गया था तभी भी इंद्र पीछे नहीं हटे। और एक दिन गौतम ऋषि का रूप बनाकर उन्होंने ऋषि पत्नी का सतीत्व नष्‍ट कर दिया।

तब ऋषि गौतम ने देवराज इंद्र और अपनी पत्नी को श्राप दे दिया और वे पाषाण बन गईंं। जब भगवान विष्णु श्री राम रूप में वहां पधारें तब जाकर अहिल्‍या का उद्धार हुआ।



(2). दमयंती

राजकुमारी दमयंती अत्यंत सुंदर थीा उनकी सुंदरता का प्रमाण इसी बात से मिल जाता है और वरुण जैसे देवता भी उसके स्वयंवर में भाग लेने आए थे।

उससे विवाह करने की इच्छा रखते थे। परंतु उसे निषाद राज के राजकुमार नल से प्रेम हो गया था। नल और दमयंती की कथा का वर्णन हमें महाभारत के पर्व में मिलता है।



(3). सत्यभामा

सत्यभामा श्री कृष्ण की पत्नी थी और अत्यंत सुंदर और योद्धा भी थी। जब श्री कृष्ण किसीसे मिलने जाते हैं तो वे सत्यभामा को ही साथ ले जाते हैं।

सत्यभामा को अनुपम सुंदर बुलाते है। मां सत्यभामा देवी का अवतार थी और उनका जन्म दुराचारियों के संहार के लिए ही हुआ था।



(4). उर्वशी

एक समय की बात है एक ऋषि बद्रीनाथ में तपस्या कर रहे थे। उनकी तपस्या से इंद्र तथा अन्य देवताओं को चिंतित कर दिया। इसीलिए इंद्र ने कामदेव और अप्सराओं को नर नारायण की तपस्या भंग करने के लिए भेजा।

ऋषि नरनारायण उनके इस कार्य से क्रोधित हो गए और उन्होंने अपनी जांघ पर हाथ मारा और उसी समय वहां से एक सुंदर अप्सरा निकली। आकाशीय अप्सराओं से कहीं अधिक श्रेष्ठ थी।

यह देख देवराज इंद्र और क्षोभ से भर कर नारायण से क्षमा मांगी। नारायण जी ने इंद्र को क्षमा करते हुए आशीर्वाद स्वरुप अप्सरा को इंद्र के साथ ही भेज दिया।

ऋषि की जांघ अर्थात गुरु से उत्पन्न होने के कारण उन्हें उर्वशी कहा गया। उर्वशी देवराज इंद्र की सभा में बाकी सभी अप्‍सराओं से कहीं अधिक सुंदर थी। 



(5). रुकमणी

रुकमणी मां लक्ष्मी का अवतार थी। श्रीमद्भागवत में मां अंबिका के मंदिर से बाहर आती हैं। सजी हुई उनकी सुंदरता को देखकर राजा महाराजा जो उनके स्वयंवर के लिए एकत्रित हुए थे अपने होश खो बैठते हैं। ये श्री कृष्ण की पहली पत्नी थी और सबसे सुंदर थी।

(6). द्रौपदी

महाभारत आदि पर्व अध्याय 166 के अनुसार जब पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ करवाया था तब यज्ञ की वेदी में से एक कुमारी कन्या भी प्रकट हुई एवं सौभाग्यशाली थी। उसका एक-एक अंग देखने योग्य था।

उसके शरीर की कांति श्याम थी नेत्रदान पढ़ते थे कि मानव खिले हुए कमल के दल हो। ऐसी थी मानो साक्षात् देवी दुर्गा ही मानव शरीर धारण करके प्रकट हुई हो।

उसके अंगों से नीलकमल की सुगंध प्रकट होकर चारों ओर फैल रही थी। उसने परम सुंदर रूप धारण कर रखा था। उस समय पृथ्वी पर उसके जैसी सुंदर स्त्री दूसरी कोई नहीं थी। 



(7). मोहिनी

समुद्र मंथन के उपरांत दानव और देव उसको लेने के अधिकार को लेकर आपस में झगड़ पड़े थे। देवता दानव गंधर्व भी उस देवबंद कन्या को पाने के लिए लालायित थे। सुंदर छवि वाली उस कन्या के प्रकट होने पर आकाशवाणी हुई।

इस कन्या का नाम कृष्णा है यह स्मृतियों में श्रेष्ठ सुंदर है और क्षत्रियों का संहार करने के लिए प्रकट हुई है। यह समय पर देवताओं का कार्य सिद्ध करेगी।

वहां आई तो वहां उपस्थित सभी लोग उसकी सुंदरता को देखकर दंग रह गए थे। उस समय दानवों ने पात्र छीन लिया था जिसमें अति उत्तम अमृत भरा हुआ था।

उस समय भगवान श्री विष्णु जी ने मोहिनी का रूप धारण किया था। अतः मोहिनी ने वहां उपस्थित समस्त लोगों को अपनी सुंदरता से मोहित कर उनसे व कमंडल लेकर देवताओं को दे दिया था। 



(8). माता सीता

सीता जिनका जन्म ही रावण के सहार के लिए हुआ था एक अद्वितीय सुंदरी थी। उसके लंबे बाल हैं और नाक नक्श और शरीर की सुंदरता अनुपम है।

आज तक कोई देवी गंधर्व कन्या यक्षिणी या कोई और नारी इतने रुपए नहीं देखी होगी। बाल्मीकि रामायण के लिए अरण्य कांड सर्ग 46 के अनुसार जब रावण ने मां सीता को उनकी कुटिया में देखा तो उसने कहा कि देवी तुम सोने से चमकने वाली कमल के दिव्य पुष्प के समान हो।

ऐसा जान पड़ता है कि तुम स्वयं देवी लक्ष्मी हो या कोई अप्सरा हो। तुम्हारे शरीर की दिव्य सुंदरता बेजोड़ है। मैंने आज तक तुम्हारे जैसी अप्रतिम सुंदर इस धरती पर नहीं देखी है।



(9). लक्ष्मी

माता लक्ष्मी भागवत पुराण स्कंद 8 के अनुसार समुद्र मंथन के समय उसमें से स्वयं भगवती लक्ष्मी देवी प्रकट हुई। उनकी बिजली के समान चमक से दिशाएं जगमगा उठी।

उनके सौंदर्य रूप और महिमा से सब का चित्र या देवता और क्या मनुष्य सभी ने कहा कि यह हमें मिल जाएं। सब अपने हाथों उनके बैठने के लिए आसन ले आए थे।

परंतु वहां सोच विचार कर अंत में श्री लक्ष्मी जी ने अपने अभी भगवान श्री विष्णु जी का ही वर्णन किया। और भगवान् श्री हरी विष्णु जी ने मां लक्ष्मी जी को अपने वक्ष स्थल पर सर्वदा निवास करने का स्थान दिया।



(10). माता पार्वती

मां दुर्गा मां त्रिपुर सुंदरी देवी पार्वती सुंदरता की प्रतिमूर्ति हैं आदिशक्ति हैं। वहीं त्रिपुर सुंदरी हैं तीनों लोकों में सबसे सुंदर हैं। महादेव जिन्होंने स्वयं को समस्त सांसारिक सुखों से दूर रखा है जब माता को देखते हैं तो मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

ऐसी है देवी पार्वती की आभा। श्री ललिता सहस्त्रनाम में देवी पार्वती का दिव्य वर्णन है। इनकी अदाएं भी है जिनको हमारे इतिहास में बहुत ही सुंदर माना गया है।



(11). मेनका

विश्वामित्र जी की कई हजार वर्षों की तपस्या भंग करी थी। सौंदर्य से पूर्ण थी और इसे पाने के लिए सब आपस में लड़ पड़े। वह सुंदर थी और उसमें सौंदर्य प्रतिभा और गौरव थे।

इन सबके अतिरिक्त कामदेव की पत्नी रति, सरस्वती, रावण की पत्नी मंदोदरी, देवराज इंद्र की पत्नी सुभद्रा, तथा पुराणों में राधा जी की सुंदरता क्या ही उल्लेख है। तो ये थीं 10 सबसे सुंदर स्त्री। इस बात को स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमने इस सूची को कोई भी कम नहीं दिया है। आज के लियें बस इतना ही। आशा करते हैं कि आपको हमारी जानकारी पसंद आयी होगी। कृपया इसे शेयर अवश्य करें।


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