Ikigai Book Review In Hindi || इकिगाई बुक रिव्यू || Ikigai Book Summary in Hindi || Ikigai Book in Hindi Price

Ikigai Book Review In Hindi || इकिगाई बुक रिव्यू || Ikigai Book Summary in Hindi || Ikigai Book in Hindi Price

हम भारतीयों ने संपूर्ण विश्‍व को समय-समय पर कुछ न कुछ सिखाया है तथा हमने भी कुछ अच्छी बातें सीखी हैं। आधुनिक जीवन शैली ने हमें बहुत हद तक एक ऐसे मुकाम तक पहुँचा दिया है जहां सब कुछ बहुत आसान प्रतीत होता है। किन्‍तु इस बात से भी इन्‍कार नहीं किया जा सकता है कि हम भारतीय आलस्‍य के गुलाम बनते जा रहे हैं।

एक तरफ जहां तकनीक ने सब काम आसान बना दिये वहीं दूसरी तरफ भारतीयों को नीरस बना दिया। जीवन जीने की सही कला का सर्वोत्‍तम उदाहरण हम जापानियों से सीख सकते हैं। उनकी जीवन शैली सिर्फ देखने मात्र की नहीं है अपितु जीवन के कई रहस्यों से परिपूर्ण है।

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

एक मनुष्‍य होने के नाते हम सभी के पास जीने का एक कारण अवश्‍य होना चाहिए या यूँ कहें कि जीवन को जीने का तरीका या सोचने और समझने का सकारात्‍मक तरीका होना चाहिए। इकिगाई बुक में आपके दृष्टिकोण को सही दिशा में निर्धारित करने की संपूर्ण क्षमता है।

IKIGAI एक इंटरनेशनल बेस्टसेलर किताब है यह Héctor García और Francesc Miralles के द्वारा लिखी गयी है। इकिगाई आपके जीवन को सार्थक बनाने का एक सही प्रयास है। संक्षिप्त चर्चाओं को बिंदुवार और सरल तरीके से समझाया गया है जिससे आपको समझने में आसानी भी होती है।

आपके अंदर एक अनोखा जुनून है, एक अनूठी प्रतिभा है जो आपके जीवन को सार्थक बनाती है और आपको अंत तक खुद का सबसे अच्छा साबित करने के लिए प्रेरित करती है। विक्टर फ्रैंकल कहते हैं कि यदि आप नहीं जानते कि आपकी इकीगाई अभी तक क्या है, तो आपका मिशन इसे खोजना है।


Ikigai का मतलब क्या है || Meaning of Ikigai || इकिगाई का अर्थ

जापानीयों के अनुसार इकिगाई उन प्रतीकों का संजोग है जिनका मतलब है “जीवन का सार्थक होना”।

मोटे तौर पर अनुवाद के रूप में, हमेशा व्यस्त होने की खुशी ।

हमारे Ikigai हम सभी के लिए अलग है, लेकिन एक बात हम आम में है कि हम सब अर्थ के लिए खोज रहे हैं ।

जब हम अपने दिन खुशी और ऊर्जा से बिताते हैं तो हमारे लिए जीवन सार्थक बन जाता है,  पर जैसे ही हम इकिगाई खो देते हैं, तो हम निराशा और हताशा महसूस करते हैं ।

हमारे मनुष्‍य जीवन में ikigai अंदर गहरी छिपी हुई होती है और हमें इसी को पहचानने की आवश्‍यकता है।


इकिगाई को कैसे ढूँढे || Ikigai Ko Kaise Dhundhe

क्‍या आपने कभी भी सोचा है कि आखिर ऐसी क्‍या खास बात है जापानी लोगों में कि वे एक लम्‍बी उम्र तो जीते ही हैं लेकिन एक खुशहाल जीवन भी व्‍यतीत करते हैं।

इकिगाई पांच स्‍टेप्‍स का एक प्रोसेस है जिसे फॉलो करने से आप भी एक खुशहाल जीवन जी सकते हैं। ये स्‍टेप्‍स निम्‍न प्रकार से हैं।

(1). सबसे पहला कदम है कि आप कोई ऐसा काम करते हैं जिसे आपको करना पसंद करते हैं। और यदि आप इस कार्य को करने में दक्ष भी हैं तो समझ लीजिये कि आपने पहला कदम पार कर लिया है।

उदाहरण के लिये यदि आपको डांस पसंद है और आप इसमें दक्ष भी हैं तो आप दूसरे कदम पर जाने के लिये तैयार हैं।

पसंद + दक्षता —पैशन (Passion)

यह कदम आपको अपना पैशन ढूँढने में सहायता करता है।

 

(2). तो अब आपको ये तो पता चल गया कि आप किस कार्य को करने में दक्ष हैं इसीलिये अब ये जानना जरूरी है कि क्‍या आपको इस कार्य के पैसे मिलेंगे कि नहीं।

उदाहरण के लिये एक डांसर को यह भी देखना होगा कि कहां डांसर की जरूरत है। क्‍या वह स्‍थान कोई कॉम्पिटिशन है या फिर एक डांस टीचर के लिये कोई वैकेंसी।

दक्षता + इनकम —-प्रोफेशन (Profession)

 

(3). अब तीसरा कदम यह है कि आपको यह देखना है कि जो कार्य आप दक्षता से कर रहे हैं उसकी इस संसार को कितनी आवश्‍यकता है या फिर है भी या नहीं भी।

इनकम + संसार की आवश्‍यकता —- वोकेशन (Vocation)

 

(4). अब चौथा कदम है यह पता करना कि संसार में जिस कार्य की आवश्‍यकता है उसे आप प्रेम करते हैं या नहीं। इस कदम से आपको मिशन के बारे में पता चल जाएगा।

संसार की आवश्‍यकता + कार्य से प्रेम —- मिशन (Mission)

 

(5). पांचवा और आखिरी कदम है ऊपर दिये हुए सभी कदमों का संयोजन। मतलब यह कि

पैशन + प्रोफेशन + वोकेशन + मिशन —- इकिगाई (Ikigai)

Passion + Profession + Vocation + Mission = Ikigai


पुस्‍तक का संक्ष्प्ति विवरण || Ikigai ka Matlab

इस पुस्‍तक में इकिगाई शब्‍द के बारे में बताया गया है। इस संसार में सभी व्‍यक्तियों के पास इकिगाई है। इकिगाई ‘ जीने के लिए एक कारण ‘ या ‘ सुबह बिस्तर से बाहर कूदने का कारण ‘ के लिए जापानियों द्वारा प्रयुक्‍त शब्द है।

Ikigai पुस्तक में मुख्‍य रूप से उद्देश्‍य पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है। इसके अनुसार उद्देश्य एक आदमी के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। यह सभी व्‍यक्तियों के लिये अलग हो सकता है। यह विभिन्न तरीकों से खुद को प्रकट करता है। इसके बारे में विस्‍तार से बताया गया है।

इकिगाई आपको ‘अपने प्रवाह को खोजने’ के कुछ अति महत्‍वपूर्ण तरीकों को भी दर्शाता है और इसके साथ ही यह आपके ध्‍यान को सुनिश्चित करता है।

आप इस संसार में जो कुछ भी करते हैं ध्‍यान उसमें काफी महत्‍वपूर्ण होता है। आपको किस तरह से ध्‍यान का सौ प्रतिशत इस्‍तेमाल करना है वह इस पुस्‍तक में दिया गया है। जब आप कोई भी कार्य सौ प्रतिशत ध्‍यान से करते हैं तो आपको उसमें आनंद मिलने लगता है चाहे वह कार्य कितना भी बोरिंग क्यों न हो।

ध्‍यान के अलावा इस पुस्तक में ताकुमी और मोई (समुदाय के साथ संबंध) जैसी अवधारणाओं पर भी बताया गया है। ऐसा इसलिये क्‍योंकि मनुष्‍य एक सामाजिक प्राणी है और समाज के साथ अच्‍छे संबंध होना बहुत जरूरी होता है।

Ikigai पुस्तक जीवन जीने के जापानी तरीके पर आधारित है। यह जापानी दृष्टिकोण से जीवन की जानकारी देती है। यह आपको इस कृत्रिम सांसारिक रूप से बनायीं गयी स्थितियों से बचाने में भी कारगर है।

हमारे दैनिक जीवन में आहार और व्यायाम का उचित संयोग होना भी बहुत जरूरी है। खाद्य पदार्थों की प्रसिद्ध ‘ hara hachi bu ‘ की अवधारणा को कैसे जीवन में सफलतापूणर्वक अपनाना है यह भी बताया गया है। इसके अनुसार हमें वास्तविक भूख का केवल 80 प्रतिशत भोजन करना चाहिये। चूँकि आपको समझने में कोई तकलीफ न हो इसीलिये शारीरिक अभ्यास पर आधारित चित्र और स्टेप्स भी उचित मात्रा में दिए गए है।

यह पुस्तक आपको यह भी बताती है कि किस मानसिकता से कोई काम करना चाहिये। आपका खुद का इकिगाई वास्तव में क्या है, और आपको अपने जीवन को बदलने के लिए तैयार करेगी। आपके इस दुनिया में आने का एक विशेष उद्देश्य है और वह है – अपने कौशल, अपने हितों, अपनी इच्छाओं को जानना और समझना।

वैसे तो पुस्तक की भाषा काफी सरल और सुंदर है पर फिर भी यदि कोई कठिन शब्द आता है तो एक प्रस्तावना, 9 अध्यायों, एक उपसंहार और आप के लिए और अधिक सुझावों की एक सूची के साथ उप्‍लब्ध है।

Ikigai Book आपको शांत और समग्र महसूस करवाने के उद्देश्‍य से बनाई गई है। गागर में सागर भरने अर्थात् कम से कम शब्दों में अधिक और महत्‍वपूर्ण बातों और सुझावों को आपको आसान भाषा में उचित चित्रों के साथ समझाने का प्रयास किया गया है।

आपको इस पुस्‍तक को पूरा पढ़ने के बाद अपने जीवन के उद्देश्‍य को ढूँढने में आसानी होगी। जिस व्‍यक्ति को अपने जीवन का उद्देश्‍य पता होता है वह अपने जीवन के हर एक दिन को खुशहाल तरीके से जीता है। यही एक सार्थक जीवन का रहस्‍य है।


इकिगाई के 10 नियम || 10 Rules Of Ikigai Book || Ikigai Ke Niyam

  • सक्रिय रहें, ज्‍यादा न बैठें  रिटायर मत हो। जीवन के अंतिम समय तक
  • इसे धीमी गति से लें। धीरे-धीरे आप अवश्‍य सीख जाएंगे।
  • अपना पेट न भरें। भूख का 80 प्रतिशत ही खायें।
  • अच्छे दोस्तों के साथ खुद को घेर लें। जीवन में अकेला महसूस न करें।
  • हमेश मुस्कुराते रहिये।
  • प्रकृति के साथ खुद का संबंध स्‍थापित करें।
  • हमेशा धन्यवाद दें।
  • हमेशा अपने वर्तमान के पलों में ही जियें।
  • अपने ikigai का पालन सावधानी से पालन करें।

 

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