Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले

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Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले

Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले

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दोस्‍तों भारत कई धर्मों और संस्‍कृतियों का देश है। प्राचीन काल से ही भारत में कई महान राजाओं का जन्‍म हुआ जिन्‍होंने भारत की कला और संस्‍कृति को सँवारने का काम किया। इन महान राजाओं ने भारत में बहुत से बड़े-बड़े किलों का निर्माण करवाया।

ये किले सिर्फ संस्‍कृति और कला तक ही सीमित नहीं थे बल्कि राजा और उनके परिजनों व अन्‍य महत्‍वपूर्ण लोगों को संरक्षण भी देते थे। इन किलों में युद्ध के हथियार समेत और भी कई जरूरी वस्‍तुएं रखी जाती थीं।

भारत में कई किले ऐसे भी बनाये गये जिनके निर्माण के पीछे कोई ना कोई रहस्‍य जरूर छिपा है। तो दोस्‍तों आज हम आपको बताने वाले हैं भारत में मौजूद ऐसे ही किलों के बारे मे जो अपने आप में ही एक रहस्‍य हैं। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


(1). चुनारगढ़ का किला

Most Mysterious Fort of India

चुनारगढ़ वह स्‍थान है जहां पर कई तपस्वियों ने तपस्‍या की है। यह किला भारत की एक ऐतिहासिक विरासत और अनमोल धरोहर है। चुनारगढ़ किले का इतिहास के पन्‍नों में एक महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। यह किला लगभग पांच हजार साल पुराने इतिहास का साक्षी है।

इस किले का निर्माण जिस पहाड़ी पर हुआ है वह आकार में मानव चरण जैसी प्रतीत होती है। इसी कारण से इसे चरणाद्रिगढ़ किला भी कहा जाता है।

इस प्राचीन और ऐतिहासिक किले पर महाभारत काल के कई शासकों से लेकर उज्‍जैन के महान सम्राट विक्रमादित्‍य से लेकर अंतिम हिंदू राजा पृथ्‍वीराज चौहान ने भी शासन किया। इसके बाद इस किले पर अकबर और शेरशाह सूरी जैसे मुगल बादशाहों ने शासन किया।

इस किले के निर्माण का रहस्‍य आज भी उजागर नहीं हो पाया है। स्‍थानीय लोगों द्वारा और अन्‍य किंवदंतियों द्वारा यह कहा जाता है कि योगीराज वृद्हरि ने इस किले में समाधि ली थी। और आज भी उनकी अलौकिक आत्‍मा इस किले मे घूमती है।

चुनारगढ़ का किला बहुत ही रहस्‍यमयी है और इस बात का प्रमाण इसकी अद्भुत बनावट में नजर आता है। ध्‍यान से देखे जाने पर ही इस किले के तिलिस्‍म को समझा जा सकता है। बलुआ पत्‍थर से बने इस मंदिर पर किसी न किसी तरह का संकेत बना हुआ है।

इस किले ने प्राचीन समय से ही अनेक उतार-चढाव देखे हैं। और आज के दौर में इसे विशेष ख्‍याति बाबू देवकीनंदन खत्री द्वारा रचित उपन्‍यास चन्‍द्रकांता संतति के कारण मिली है। क्‍योंकि इस उपन्‍यास का केंद्रबिंदु चुनारगढ़ ही है।

कहते हैं कि इस किले में बहुत सारी रहस्‍यमयी आत्‍माओं का वास है और साथ ही साथ यह किला काफी डरावना भी है। वैसे तो आजकल के बहुत सारी मूवीज और टीवी सीरियल की शूटिंग यहां होती ही रहती है।

और यही कारण भी है कि यह किला न केवल भारत अपितु पूरे विश्‍व भर में प्रसिद्ध है। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


(2). शनिवार वाडा किला

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शनिवारवाडा किला भारत के सबसे डरावने और रहस्यमयी किलों में से एक है। यह महाराष्‍ट्र के पूणे शहर में स्थित है। इस किले का निर्माण सन् 1746 में मराठा साम्राज्‍य को बुलंदियों पर ले जाने वाले पेशवा ने करवाया था।

यह किला 1828 तक मराठाओं के अधिकार में रहा। इसमें उत्‍तम कारीगरी की गयी है। सन्‍ 1828 में इस किले के एक हिस्‍से में आग लग गयी थी। परंतु इस आग के लगने का कारण आज भी एक रहस्‍य बना हुआ है। परंतु बात यही खत्‍म नहीं हो जाती है।

स्‍थानीय लोग बताते हैं कि इस किले से हर अमावस्‍या की रात को एक दर्द भरी आवाज आती है। और इस आवाज को आज भी यहां सुना जा सकता है। कई लोगो का कहना है कि कोई आज भी यहां पर बचाओ बचाओ की आवाज से चीखता है।

और यह आवाज उस व्‍यक्ति की है जिसकी इस किले में हत्‍या हो गयी थी। हत्‍या करने के बाद उसके शरीर को पास की ही एक नदी में बहा दिया गया था। ऐसी मान्‍यता है कि बाजीराव की मृत्‍यु के बाद इस महल में राजनीतिक उथल-पुथल का दौर शुरू हो गया था।

और इसी राजनीतिक दांव-पेंच और सत्‍ता के लालच में महज 18 वर्ष की उम्र में नारायण राव की हत्‍या कर दी गयी थी। कहते हैं कि आज भी नारायण राव अपने चाचाजी को पुकारते हैं और कहते हैं कि काका म्‍हाला बचावा। इसका मतलब साफ सा है कि चाचा मुझे बचाओ।

बताया जाता है कि इसी महल में रहने वाले सुमेर सिंह और नारायणराव के संबंध अच्‍छे नहीं थे और एक दिन सुमेर सिंह ने नारायणराव को अकेला पाकर उनकी हत्‍या कर दी। आज भी लोग इस किले में शाम होने के बाद जाने से डरते हैं। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


(3). रोहतासगढ़ का किला

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रोहतासगढ़ किला बिहार राज्य के रोहतास जिले में स्थित एक प्राचीन किला है। इस प्राचीन किले को अयोध्‍या के राजा हरिचंद के पुत्र रोहितास ने करवाया था। यह बिहार के सासाराम से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है।

यह सोन नदी के बहाव वाली दिशा में एक पहाड़ी पर स्थित है। यह किला समुद्र तल से करीब 1500 मीटर ऊँचा है। इस किले का इस्‍तेमाल युद्ध के दौरान छिपने के लिये किया जाता था। इसकी चारदीवारी का निर्माण शेरशाह सूरी ने करवाया था।

कई लोगों का कहना है कि स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ स्‍वतंत्रता का पहला युद्ध इसी किले से लड़ा था। इस किले की दीवारें लगभग 2000 फीट ऊॅंची हैं। यह भारत के सबसे प्राचीन किलों में से एक है।

इस किले की एक कहानी ऐसी भी प्रचलित है जिसे जानकर आपकी शायद रूह भी कांप जाये। कई स्‍थानीय लोगों और किंव‍दतियों द्वारा यह कहा जाता है कि इस किले की दीवारों से अक्सर खून निकलता था। इसके साथ ही अजीब सी आवाजें भी आती थीं। परंतु इसके पीछे का कारण आज भी अनजान है।

आज से करीब 200 साल पहले जब एक फ्रांसीसी इतिहासकार इस किले में घूमने आये थे तो उन्‍होंने भी यहां की दीवारों से खून निकलता देखा था। और इस बात का वर्णन उन्‍होंने अपने स्‍वलिखित दस्‍तावेज में किया था। इसमें उन्‍होंने लिखा था कि रोहतासगढ़ के किले की दीवारों से खून निकलता है।

उनकी इस बात को वहां की जनता और कई लोग आज भी सच मानते हैं। वर्तमान समय के लोगो की माने तो उनके अनुसार इस किले से कई प्रकार की भूतिया आवाजें भी आती हैं। परंतु खून और आवाज आने का कारण क्‍या है यह तो कोई भी नहीं जानता।

कई लोग मानते हैं कि इस किले में राजा रोहिताश्‍व की आत्‍मा घूमती रहती है। वह बहुत ही शक्तिशाली है और तरह-तरह की आवाजें निकालती है।

आज भी बहुत से इतिहासकार और पुरातत्‍वज्ञानी इस बात का पता लगाने में लगे हुए हैं कि इस दीवार में से खून क्‍यों आता है। इस किले की पूरी सच्‍चाई कोई भी नहीं जानता है इसीलिये आज भी यह किला लोगों के बीच एक कौतूहल का विषय बना हुआ है। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


(4). ग्‍वालियर का किला

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ग्‍वालियर का किला मध्‍य प्रदेश के प्रमुख शहर ग्‍वालियर का प्रमुख स्‍मारक है। यह किला प्राचीन मध्‍यकाल की बेजोड़ कारीगरी और शिल्‍पकारी का अद्भुत नमूना है। मित्रों, यह किला गोपाचल नामक एक पर्वत पर स्थित है।

प्राचीन इतिहासकारों की मानें तो इस किले का निर्माण बघेल शासक ने किया था। इस किले पर बघेल राजाओं ने करीब 1000 सालों तक राज किया था। इस किले में कई ऐसी मूर्तियां स्‍थापित हैं जो पुरानी और मूल्‍यवान हैं।

साथ ही इस किले की दीवारों को भी बहुत ही रहस्‍यमय ढंग से बनाया गया है। इन दीवारों पर कुशल कारीगरों द्वारा बहुत ही सुंदर और सधी हुई नक्‍काशी की गयी है। दोस्‍तों, पूरे भारतवर्ष में यही एक मात्र ऐसा किला है जिसे कोई जीत नहीं पाया है।

कई शोधकर्ताओं और इतिहासकारों ने यह बताया है कि इस किले में कई रहस्‍यमयी सुरंगें और तहखाने हैं। कहा तो यह भी जाता है कि इन तहखानों में बहुत सारा खजाना छिपा हुआ है। इस किले में अभी भी बहुत सी ऐसी सुरंगे भी हैं जो अब भी एक रहस्‍य ही बनी हुई हैं।

इन सुरंगों का रास्‍ता कहां जाता है इस बारे में तो कोई भी नहीं जानता है। कहा जाता है कि इस किले की सुरंगों का असली रहस्‍य तौमर वंश के राजाओं के पास था। यह अभी भी उनके वंशजों के पास मौजूद है।

परंतु इस किले से जुड़ी एक बात ऐसी भी है जो आज भी लोगो के मन में संशय पैदा करती है। वह बात है इस किले के निर्माण की अवधि। स्‍थानीय लोगों के अनुसार इस किले का निर्माण जिन्‍नों द्वारा एक ही रात मे किया गया था।

इसी कारण से आज भी लोग इस किले मे रात में जाने से डरते हैं। कई लोग बताते हैं कि यह किला बहुत ही रहस्‍यमयी है। जिन्न आज भी इसमें छिपे खजाने की रक्षा करते हैं।

परंतु आज तक इस बात की कोई भी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह किला एक रात में बनाया गया कि कई दिनों में। आज भी यह स्‍थानीय लोगों के बीच वाद-विवाद का विषय बना हुआ है। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


(5). तालबेहट का किला

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तालबेहट का किला उत्‍तर-प्रदेश के जिले ललितपुर के तालबेहट में स्थित है। इस किले का निर्माण भारतशाह द्वारा सन् 1608 में कराया गया था। यह किला एक बड़ी झील के किनारे पर स्थित है। तालबेहट शहर एक झील जितना बड़ा है।

जब रानी लक्ष्‍मी बाई, अंग्रेजों से संघर्ष कर रहीं थी तो वह महाराजा मर्दन सिंह के क्षेत्र में थीं। इस किले की एक दीवार को नष्‍ट करने के बाद अंग्रेज झांसी चले गये। यह किला एक बहुत ही शांत जगह पर निर्मित है जिसके आस पास सिर्फ जंगल ही है।

इस किले के अंदर एक प्रसिद्ध नरसिंह का मंदिर है। इस किले के दो मुख्‍य द्वार हैं। दोस्‍तों इस किले से जुड़ी एक और कहानी भी है जो आज भी तालबेहट के लोगों को डरा देती है। स्‍थानीय लोगों के अनुसार इस किले में आज भी लोग जाने से डरते हैं।

परंतु इस डर का कारण है इस किले के पीछे के द्वार पर बनीं सात लड़कियां। इनकी पूजा इस गांव की औरतों द्वारा की जाती है। सन् 1850 के आस-पास मर्दन सिंह, ललितपुर के राजा थे। वे तालबेहट भी आते जाते रहते थे। इसीलिये उन्‍होंने ललितपुर के तालबेहट में एक महल बनवाया था।

यहां उनके पिता प्रहलाद भी रहा करते थे। एक ओर जहां मर्दन सिंह का नाम बड़े सम्‍मान से लिया जाता है वहीं उनके पिता प्रहलाद सिंह ने अपनी हरकतों से बुंदेलखण्‍ड को कलंकित किया था।

कहानी के मुताबिक अक्षय तृतीया के दिन इस इलाके की महिलायें नेग मांगने के लिये राजा के दरबार में जाया करतीं थीं। इस त्‍योहार पर नेग मांगने की रस्‍म होती थी। इसी दिन राजा मर्दन सिंह के इस तालबेहट किले में इलाके की सात लड़कियां नेग मांगने पहुँचीं।

मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद उस समय महल में अकेले थे। लड़कियों की अपार सुंदरता देखकर उनकी नीयत खराब हो गयी। और उन्‍होंने उन सातों लड़कियों को बंदी बनाकर उनके साथ बलात्‍कार किया था।

प्रहलाद की इसी कुकृत्‍य की वजह से उन सातों लड़कियों ने महल की छत से कूदकर अपनी जान दे दी। और उसी दिन से इस महल में उन सात लड़कियों के रोने और चिल्लाने की आवाजें आती हैं। पर गांव का कोई भी व्‍यक्ति यहां नहीं जाता है। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


(6). गढ़कुण्‍डर किला

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गढ़कुण्‍डर का किला मध्‍य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित है। कहा जाता है कि यह किला बहुत ही रहस्‍यमयी और डरावना भी है। यह किला अनेको चमत्‍कारों से भरा हुआ है क्‍योंकि 12 किलोमीटर दूर से तो यह किला स्‍पष्‍ट दिखायी देता है परंतु जैसे ही कोई इस किले के नजदीक जाता है तो यह किला उसकी आंखों से ओझल हो जाता है।

आज भारत में इस किले से जुड़ी कई डरावनी कहानियां प्रचलित हैं। दोस्‍तों, स्‍थानीय लोग बताते हैं कि यह किला इसलिये डरावना है क्‍योंकि यहां पर कई लोगों की मृत्‍यु हुई थी। आज भी स्‍थानीय लोग यही कहते हैं कि इस किले में कोई भी व्‍यक्ति रात में नहीं जाता है।

इस किले के बारे में एक किस्‍सा तो आज भी प्रचलित है कि इस किले में एक बार पूरी की पूरी बारात ही गायब हो गयी थी। वह बारात तो आज तक वापिस नहीं लौटी है।

लोगों का कहना है कि एक बार जब इस गांव में बारात आयी तो बारात के 70 लोग इस किले के निचले हिस्‍से में घूमने निकल गये। और वे पूरे के पूरे लोग बड़े ही रहस्‍यमयी ढंग से गायब हो गये। और आजतक वापिस नहीं लौटे।

वैसे इतना डरावना होने पर भी यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और भारी भीड़ इसे देखने आती है। लोग इसके रहस्‍य को जानने के लिये दूर-दूर से यहां आते हैं। यह किला वाकई में बहुत ही अद्भुत और रहस्‍यमयी है। Top 6 Most Mysterious Fort of India | भारत के 6 तिलस्मी किले


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