पुरुष किसी महिला को देखकर उसकी ओर आकर्षित क्यों होते हैं? Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain?

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पुरुष किसी महिला को देखकर उसकी ओर आकर्षित क्यों होते हैं? Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain?

Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain – आप महिलाओं को आकर्षित करने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं लेकिन फिर भी उन्हें आकर्षित आपके लिए लोहे के चने चबाने जैसा होता है। ऐसे में महिलाओं को कैसे पुरुष आकर्षित करते हैं यह आप जरूर जानना चाहेंगे।

हाल में एक शोध में माना गया है कि धीमी और भारी आवाज वाले पुरुष महिलाओं को अधिक आकर्षित करते हैं।

Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain
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पर्सेनालिटी एंड इंडिविजुअल डिफ्रेंसेज जर्नल में प्रकाशित शोध की मानें तो हमारी आवाज की तीव्रता और विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण का गहरा संबंध है।

कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉ. जिलियन ओ. कॉनर के अनुसार, ”हमारी आवाज की ध्वनि विपरीत सेक्स में हमारे प्रति सोच निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूनिका निभाती है।”

करीब 87 महिलाओं पर किए गए एस शोध के दौरान एक और दिलचस्प बात पता चली। महिलाओं ने आवाज के आधार पर जिस तरह धीमी आवाज वाले पुरुषों को अधिक आकर्षक माना, उसी तरह यह भी माना कि उनसे उन्हें धोखा मिलने की संभावना अधिक है।

शोध के दौरान केवल आवाज के आधार पर महिलाओं से पूछा गया कि वे किसके प्रति अधिक आकर्षित हैं। इस दौरान महिलाओं ने यह भी माना कि धीमी आवाज वाले पुरुष अपेक्षाकृत अधिक रोमांटिक लगते हैं जिस वजह से वे उन्हें अधिक आकर्षित करते हैं।

अब अगर आप भी ऊंची आवाज में बोलते हैं तो कम से कम महिलाओं के सामने धीमा बोलना तो शुरू ही कर दें



क्या शादीशुदा महिलाएं किसी अन्य पुरुष के प्रति आकर्षित होती हैं?


Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain
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हाँ सिर्फ महिलाए नहीं बल्कि शादीशुदा पुरुष भी अन्य महिलाओं के प्रति आकर्षित होते हैं।

पर किसी को गलत ठहराने से पहले हमें उसके पीछे का कारण जान लेना चाहिए। इसके अनेक कारण हो सकते हैं जैसे :

1 पति से असंतुष्टि : शारीरिक ईच्छा पूरी न होने के कारण।

2 एक दूसरे को समय ना देना ।

3 पत्नी की बातों को नजरअंदाज करना।

4 पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करना।

5 पति का बाहर की औरतों के साथ अवैध संबंध होना।

6 पत्नी के यादगार दिनो को भुल जाना।

7 रिशते में दूरिया।



पुरूष खूबसूरत महिलाओं को देखकर आकर्षित क्यों होते हैं?


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केवल पुरुष ही नही, बल्कि महिलाएं भी पुरुष की ओर आकर्षित होती हैं। आकर्षण होना कोई बुरी बात नही हैं। यह तो सृष्टि का नियम हैं।

यदि आप किसी लड़की को देखकर आकर्षित हो रहे हैं तो इसमें कोई बुरी बात नही है, बस आपको इस आकर्षण से डील करना आना चाहिए। आइये इसे समझते हैं…

देखिए प्रकृति ने इस सृष्टि को सुचारू रूप से चलाने के लिए ही ‘आकर्षण की अवधारणा’ ली हैं। यदि आकर्षण न होता तो कुछ न होता।

आप खुद सोचिए यदि ये आकर्षण न हो तो लोग एक दूसरे से सम्बन्द्ध क्यो बनाएंगे? लोग अपना काम करके रात में घर जाएंगे और सो जाएंगे।

इस तरह से प्रजनन की क्रिया ही थम ज़ाएगी और इस सृष्टि का कुछ समय के बाद अंत हो ज़ाएगा। प्रजनन को सुचारू रूप से चलाने के लिए ही ये आकर्षण की अवधारणा ली गयी हैं।



आकर्षण में कोई बुराई नही है। यह स्वभाविक हैं। समस्या तब आती है जब आप इस आकर्षण को प्यार का रूप दे देते हैं। वो प्यार नही, हवस होती है।

जब आप किसी सुंदर लड़कीं को देखते हैं तो आपके दिमाग से एक हार्मोन निकलता हैं ज़ोकि आपको उसकी तरफ आकर्षित कर देता है और आप इसी आकर्षण को प्यार का नाम दे देते हैं।

जब आप छोटे थे तब आप किसी की तरफ आकर्षित नही होते थे क्योंकि उस समय वे हार्मोन्स आपके शरीर मे स्त्रावित नही हुए लेकिन जैसे ही आप बड़े हुए, उन हार्मोन्स का स्त्रावण शुरू हो गया और आप विपरित लिंग की ओर आकर्षित होने लगे।

यही बात आपको समझनी हैं कि यह सब हार्मोन्स का खेल हैं। यदि वो हार्मोन्स की तंत्रिकाएं बन्द कर दी जाए तो आपके लिए पुरुष और स्त्री सभी एक समान हो जाएंगे।

एक पुरूष महिला की ओर आकर्षित होता हैं क्योंकि उसके हार्मोन्स उसे उत्तेजित कर रहे हैं। बस यही बात समझकर आप आकर्षण से डील कर सकते हैं। ‘ज़िन्दगी एक आकर्षण ही हैं वरना मौत ज़िन्दगी से ज्यादा सुकून देती हैं।’


पुरुष महिलाओं में क्या देखते हैं?


Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain
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पुरुष महिला में क्या देखता है यह तो पुरुष विशेष पर निर्भर करता है। जिसकी जैसी ‘प्रवृत्ति’ होती है उसका वैसा ‘नजरिया’ होता है। समाज में महिलाओं के प्रति होने वाले तमाम अपराध कुछ पुरुषों की प्रवृत्ति का उदहारण है।

वहीं अनेकों ऐसे पुरुष भी हैं जो नारी सम्मान व उसके गौरव को बढ़ाने का कार्य करते हैं।

पिता, भाई, मित्र, पति एवं प्रेमी यह सब पुरुष ही हैं किन्तु इनका नजरिया रिश्ते के आधार पर भिन्न है। जहां तक मैं आपके प्रश्न को समझ पा रहा हूँ आपका प्रश्न पिता और भाई जैसे पुरुष से नहीं जुड़ा है।

आपका प्रश्न मित्र, प्रेमी या पति से संबंध रखता है या फिर समाज के किसी आम पुरुष से, जिससे आपका कोई रिश्ता या पहचान न हो।

यह कहना गलत नहीं होगा की पहली बार में पुरुष केवल महिला का आकर्षण ही देखता है। आकर्षण से मेरा तात्पर्य है महिला का शारीरिक आकर्षण, वो कितनी सुन्दर है, गोरी है, सांवली है, छोटी है, लंबी है, पतली है या मोटी है।

अमूमन तौर पर भारतीय समाज की मानसिकता यह है की अगर कोई महिला देखने में अत्यंत सुन्दर है तो वह उसके व्यक्तित्व का कुल 90% हिस्सा है।



बाकि 10% में उसके अन्य अच्छे गुणों को समाहित कर दिया जाता है। यही कारण है की कोई कुरूप स्त्री हमारे समाज में हीन भावना से देखी जाती है।

अतः महिला की सुंदरता व उसका आकर्षण पुरुष की पहली पसंद है। किसी स्त्री के अन्य गुणों व उसके व्यक्तित्व को जानने के लिए उसके साथ समय व्यतीत करना अनिवार्य हो जाता है।

समय मित्र के रूप में या समय प्रेमी अथवा पति के रूप में, क्योंकि यही ऐसे 3 रिश्ते हैं जिसमें कोई पुरुष स्त्री के गुण एवं अवगुण से पूरी तरह परिचित हो सकता है।

जैसा मैंने ऊपर कहा है कि पुरुष की प्रवृत्ति ही ये तय करती है की वो महिला में क्या देखना चाहता है; किन्तु यह कोई कहे की सुंदरता उसकी पहली प्राथमिकता नहीं है तो यह शायद सफ़ेद झूठ ही होगा।

  • धीर गंभीर पुरुष महिला में भी गंभीरता की तलाश करता है।
  • ज्ञानी सामाजिक पुरुष महिला में भी ज्ञान व सामाजिकता की तलाश करता है।
  • सदाचरण वाला पुरुष महिला में भी सदाचरण की तलाश करता है।
  • शीतल और शांत पुरुष महिला में भी शीतलता व शांति की तलाश करता है।
  • सैद्धांतिक पुरुष महिला में भी सिद्धांतों की तलाश करता है।
  • प्रेमी और अहिंसावादी पुरुष महिला में भी प्रेम अहिंसा की तलाश करता है।
  • इसके अलावा भी अन्य प्रवृत्ति वाले पुरुष होते हैं – हिंसक, चपल, चंचल, चालक, घमंडी, शरारती, दुष्ट, कामुक, कुआचारण इत्यादि। ऐसे पुरुष महिलाओं के प्रति ज्यादा संवेदना नहीं रखते। उनकी नज़र में महिला केवल एक शरीर और भोग की वस्तु है।

महिला एवं पुरुष का रिश्ता तभी आगे बढ़ सकता है जब दोनों ही संतुलित विचार के हों। आपने अक्सर फ़िल्मी हस्तियों को साल दो साल में तलाक़ लेते देखा होगा। आखिर क्यों हो जाता है उनका तलाक ? क्योंकि उनके रिश्ते का प्रथम आधार आकर्षण है।

जैसे जैसे वे एक दूसरे के अन्य प्रवृत्तियों को जानने लगते हैं धीरे धीरे उनका प्रेम खंडित होने लगता है और फिर उनका रिश्ता एक दिन मिट्टी की दीवार की तरह भरभराकर गिर जाता है।

इसलिए पुरुष महिला में क्या देखता है ये पुरुष की अपनी प्रवृत्ति पर निर्भर है।


महिलाएं गैर मर्दों की ओर कब आकर्षित होती हैं?


Sushma Adhikari Mini Skirt
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दूसरे की धोती में हमेशा बड़ा दिखाई देता है और लोगो को चेंज करने में भी कुछ नयापन पसंद होता है।फिर चाहे वो पहले से भी खराब हो पर कुछ नया करने में उसे अलग और अच्छा महसूस होता है।

फिर कुछ जगह पुराने रिश्ते में बोरिंग होने से भी भटकाव होता है।कुछ मस्ती करने के लिए भी महिलाएं भटक जाती है।और कुछ मजबूरी में भी।पर ये हमेशा गलत होता है।

कोई अगर दूसरे के खाने की तारीफ करें पर अपने खाने को ना सुधारे तो भटकाव जैसी परिस्थिति पैदा हो जाती है हालांकि अगर आपस मे कोई कमी है तो उसे सुधारा भी तो जा सकता है।

सबसे बड़ी बात की आजकल रिश्तों की अहमियत खत्म हो गयी है।इससे कुछ भी करो कोई फर्क नही पड़ता।ये सोच लोगो की बन गई है।


जो स्त्रियां हमेशा पराये पुरुषों को आकर्षित करने में लगी रहती हैं, उनका क्या होता है?


Priya Gamre Cleavage Look
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देखिए नजर का खेल है।जैसे कि आप सभी वाफीफ है,पुरूष अपने सम्पूर्ण जीवन में से दो साल का समय सिर्फ घूरने में जाया कर देते हैं चाहे वे शदीशुदा हों या कंवारे ,फर्क बस इंतना है कुंवारा बिदांस है और शादीशुदा वाला एक्सपर्ट वो इस बात का पूरा ख्याल रखता है बीवी की नजर में न आ जाये।

जहां चार आदमी इकट्ठा हो जाये जरुरी नहीं वो क्रिकेट की ही बात करें,उनका मुद्दा अक्सर स्त्रियों का टॉपिक होता है बकायदा वहां सिर्फ पुरुष होने चाहिए सिर्फ पुरुष जैसे कि किसी लोकल ट्रेन के डिब्बे में या खाली पुरुषों की बस में।

अगर वो घुरते है और दूसरी तरफ से इशारा मिल जाये तो आप बताइये आप किसकी गलती कहंगे और हकीकत ये हैं कि आधे से ज्यादा पुरुष इसी भम्र में रहते हैं कि कोई उनपे डोरे डाल रही है।

ऐसा तब होता है जब आप ऐसी कोशीश कर रहे हो या उम्मीद लगा रहे हों,यदि सिगंल लड़की छत पर बाल सुखा रही हो तो पास वाली हॉस्टल की छ्त पर खड़े दस लड़को को पर्सनली लगता है हर एक को कि वो सिर्फ और सिर्फ उसी के लिए उधर छत पर उसको इंप्रेस कर रही हो।

भ्रम है ये भम्र जिसके चलते लड़का लड़की के घर तक भी पहुंच जाता है 3सकी मां से अपनी अच्छी जान पहचान बनाता है,सौ लोगो के सामने अच्छा बनने का दिखावा करता है।

देखिए अगर औरत किसी और पुरूष को आकर्षित करने में लगी है तो कहीं ना कहीं इसकी शुरुआत पुरुष ने की है, कोबरा कभी भी बिना इजाजत के गले में नहीं बैठेगा आपने ही मौका दिया है।

वैसे समझदार स्त्रियां नजरों के खेल को अच्छे से खेलना जानती है वो शायद हाय हलौ करके आपको दो सालो तक उलझाये रखेगी, सब नजरों का खेल है।



एक पुरुष किसी महिला को कितने तरह की निगाहों से देखता है?


Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain
Purush Mahila ki or akarshit kyo hote hain

एक पुरुष एक महिला को विभिन्न निगाहों से देख सकता है।

बुजुर्ग पुरुष वात्सल्य भरी निगाह से देखेगा।

अपने से बड़ी महिला को कोई भी पुरुष आदर भरी निगाह से दिखेगा।

बहन और बेटी को स्नेह की दृष्टि से देखेगा।

अपनी किसी महिला मित्र को मित्र की दृष्टि से ही देखेगा।

प्रेमिका और अनजान लड़कियों को बहुत से पुरुष कामुक निगाह से भी देख लेते हैं।

अपनी जीवन संगिनी को कोई भी पुरुष यदि वैवाहिक जीवन ठीक से चल रहा हो, तो प्रेम भरी निगाह से ही देखेगा।

कुछ गुस्सैल पुरुष कोई भी महिला हो उसे गुस्सा आने पर क्रोधित दृष्टि से ही देखते हैं चाहे वह उनके परिवार की कोई भी सदस्या हों।

जिससे किसी पुरुष को घृणा हो उसको वह उपेक्षा की दृष्टि से ही देखेगा।

जिस महिला से कोई लेना-देना ना हो उसको सरसरी निगाह से देख कर आगे बढ़ जाएगा।

कोई महिला अगर कष्ट में हो तो उसको पुरुष दया भरी निगाह से भी देख सकते हैं।


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