Solah Singar Kya Kya Hote Hain? || 16 सिंगार क्यों किया जाता है?

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Solah Singar Kya Kya Hote Hain? || 16 सिंगार क्यों किया जाता है?

Solah Singar Kya Kya Hote Hain? || 16 सिंगार क्यों किया जाता है? || नारी के सोलह श्रृंगार क अर्थ || सीता और सुनैना का अनूठा संवाद || Solah Singar Kya Kya Hote Hain

Solah Singar Kya Kya Hote Hain
Solah Singar Kya Kya Hote Hain

दोस्तों जिस प्रकार से हिंदू धर्म में भगवान राम एक आदर्श पुरुष की छवि प्रस्तुत करते हैं ठीक उसी प्रकार से माता सीता भी नारी का एक उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण है।

लेकिन क्या आपको पता है चंद्रमा की सोलह कलाओं के अभाव में पुरुष कभी भी पूर्ण रूप से पुरुष नहीं हो सकता है। ठीक उसी प्रकार से सोलह सिंगार के बिना नारी का स्वरूप भी अधूरा माना गया है।

परंतु आज हम आपको इस पोस्‍ट के माध्यम से नारी के सोलह सिंगार के ऐसे भाव पूर्ण अर्थ बताएंगे जिन्हें जानकर आपको नारी के प्रेम शक्ति और समर्पण का आभास हो जाएगा। तो चलिए एक बार विस्तार से प्रकाश डालते हैं नारी के सोलह सिंगार पर।


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राजकुमारी सीता के विवाह के अवसर पर उनका श्रृंगार किया जा रहा था कि तभी उनके मन में यह जिज्ञासा उठी कि नारी का सोलह सिंगार क्यों किया जाता है।

बस फिर क्या था यही प्रश्न उन्होंने अपनी मां से पूछा। इस पर रानी सुनैना ने कहा बेटी जिस प्रकार से चंद्रमा की 16 कलाएं पुरुष के लिए निर्धारित की गई है ठीक उसी प्रकार से नारियों के लिए भी सोलह सिंगार निर्धारित किए गए हैं।

और पुत्री यही सोलह सिंगार ही नारी के संपूर्ण रूप के घोतक भी हैं। इस पर राजकुमारी सीता ने कहा यदि ऐसा है तब तो फिर मैं आज आपसे इन 16 आभूषणों के भाव को अवश्य ही जानना चाहूंगी।


नारी के सोलह सिंगार का महत्‍व


बिंदी का महत्व

इसी श्रंखला में सर्वप्रथम आप मुझे यह बताइए कि इस प्यारी सी बिंदी का क्या महत्व है? इसे मस्तक पर क्यों लगाया जाता है?

इस पर रानी सुनैना ने कहा कि जिस प्रकार से भगवान सूर्य के प्रकाश से प्रतिदिन ही इज्जत को प्रकाशमान करते हैं।

ठीक उसी प्रकार से आज से तुम्हें भी अपनी शरारत हो को तिलांजलि देकर अपने ससुराल को अपनी उर्जा और स्नेह से प्रकाशमान करना होगा। बहुत ही अच्छी बात है मैं सदैव इस बात का स्मरण रखूंगी।

काजल का महत्व

परंतु अब आप मुझे यह बताइए कि यह काजल आंखों में क्यों लगाया जाता है? बेटी काजल लगाने का अर्थ यह है कि आज से तुम्हें अपने नेत्रों में सदैव ही लज्जा को शीतलता धारण करनी होगी।

अपने से बड़े बुजुर्गों के समक्ष तुम्हें अपने नेत्र हमेशा नीचे रखने होंगे। साथ ही साथ यह काजल तुम्हें बुरी नजर से भी सुरक्षित रखेगा।



नथनी का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि यह नथनी क्यों धारण की जाती है? इसका क्या महत्व है? नथ का अर्थ है कि आज से तुम्हें अपने मन पर लगाम लगानी होगी।

वैसे भी तुम तो जानती ही हो नारी का मन कितना अधिक चंचल होता है। यह कभी भी तुम्हें भटका सकता है।

किंतु आज तक तुम्हें हमेशा ही इस बात का स्मरण करवाती रहेगी तुम्हें किसी भी परिस्थिति में अपने मन के अधीन नहीं होना है। अपितु मन को अपने अधीन ही रखना है। बहुत ही अच्छा विचार है माता।

टीके का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि टीके का क्या महत्व है? इसे क्यों धारण किया जाता है? आज से यह तुम्हारे परिवार के यश प्रतिष्ठा का प्रतीक होगा।

अब तुम्हें किसी भी ऐसे कृत्य से बचना होगा जिससे तुम्हारे पिता अथवा पति की प्रतिष्ठा पर कोई आंच आए। अब तुम एक नहीं बल्कि दो-दो घरों की प्रतिष्ठा हो इसीलिए तुम्हें अपने स्कूल को कलंकित होने से बचाना होगा बस इसी बात का प्रतीक है।



कर्णफूलों का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि कर्णफूलों का क्या महत्व है? इन्हें कानों में क्यों धारण किया जाता है? यह फूल तुम्हें सदैव ही दूसरों के लिए लालायित करेंगे।

किंतु इसके ठीक विपरीत यदा-कदा के मुख से किसी के भी प्रति बुरे तथा भरे वचन सुन भी लो तब भी तुम्हें तुरंत ही उनका अनुसरण करने के बजाय उन्हें अनसुना कर देना होगा। बस पुत्री इन फूलों का यही महत्व है।

अंगूठी का महत्व

आप कृपया मुझे यह बताइए कि अंगूठी क्यों धारण की जाती है? इसका क्या महत्व है? यह अंगूठी तुम्हें सदैव ही इस बात का स्मरण कराती रहेगी कि आज से तुम अपने पति के प्रति पूर्ण रूप से निष्ठावान रहोगी।

साथ ही अंगूठी में बसी तुम्हारे पति की छवि तथा उनके आने को भी प्रकट करेगी। मैं सदैव इस बात का अनुसरण करूंगी।


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छल्‍ले का महत्व

परंतु अब आप मुझे छल्‍ले का महत्‍व बताने की कृपा करें। बेटी आज से यह छल्ले तुम्हें इस बात का स्मरण कराते रहेंगे कि तुम्हें सदैव ही छल कपट से दूर रहना होगा।

तुम्हें अपने मन के बहकावे से बचना होगा। बस इन्हीं सब कारणों से पुत्री तुम अपने ससुराल में मान सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करोगी। माते मैं आपकी इन बातों का सदैव ही अनुसरण करूंगी।

पायल का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि इस पायल का क्या महत्व है? इसे पैरों में क्यों धारण किया जाता है? बेटा यह पायल सौभाग्य का प्रतीक है। पायल के घुंघरू की सुमधुर ध्वनि से तुम्हारे घर की समृद्धि बढ़ेगी।

साथ ही साथ यह इस बात का स्मरण भी कराएगी कि आज से ससुराल में तुम्हारा स्थान सदैव ही पति के चरणों में है ठीक उसी प्रकार से होगा जैसे भगवान विष्णु के चरणों में माता लक्ष्मी का स्थान होता है। बहुत ही सुंदर भाव है मां।



कड़ों का महत्व

लेकिन अब आप मुझे यह बताइए इन कड़ों का क्या महत्व है? आखिर इन्हें कलाइओं में क्यों धारण किया जाता है?

यह कड़े इस बात का प्रतीक है कि तुम्हें सदैव कठोर वचनों से दूर रहना होगा।

आज के बाद तुम्हें इस बात का स्मरण भी रखना होगा कि तुम कभी भी ऐसे वचनों का प्रयोग ना करो जो दूसरों को सुनने में करें अथवा कठोर प्रतीत हो। यह कड़े इसी बात का प्रतीक हैं।

बाजूबंद का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि इस बाजूबंद का क्या अर्थ है? आखिर इसे बाहर क्यों धारण किया जाता है? यह बाजूबंद बहुत ही महत्वपूर्ण आभूषण है।

यह तुम्हें हमेशा ही इस बात का स्मरण कराता रहेगा कि तुम्हें अपने परिवार की धन संपत्ति की रक्षा करनी होगी।

आज के बाद ना ही तुम्हें अपने पति से कोई ऐसी अनुचित मांग करनी है और ना ही तुम्हें कोई भी ऐसा करना है जिससे कि परिवार को किसी प्रकार की क्षति का सामना करना पड़े। धन्यवाद मैं आपकी बातों को सदैव ही स्मरण रखूंगी।



करधनी का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि करधनी धारण क्यों किया जाता है? यह करधनी धारण करने के बाद तुम अपने पति के घर की स्वामिनी हो जाओगी।

परंतु तुम्हारी जिम्मेदारी बहुत अधिक बढ़ जाएगी इसीलिए तुम्हें जिम्मेदारियों का निर्वाह बहुत ही सजगता से करना होगा।

गजरा का महत्व

अच्छी बात है लेकिन अब आप मुझे यह बताइए कि गजरा क्यों धारण किया जाता है? इसका क्या महत्व है? तुम्हें अपने ससुराल में सुगंधित गजरा धारण करके ही पूजा-अर्चना करनी होगी।

संपूर्ण संसार में यह विश्वास किया जाता है कि जिस स्थान पर इसकी पवित्र सुगंध फैली हो उस घर में मां लक्ष्मी का निवास हो जाता है और वहां पर धन संपत्ति का विस्तार शुरू हो जाता है।



हार का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि इस हार को क्यों धारण किया जाता है? यह हार इस बात का प्रतीक है कि आज से तुम्हें सदैव ही अपने पति से हार स्वीकार करनी होगी।

दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि तुम किसी भी परिस्थिति में अपने पति को हारा हुआ देखकर प्रसन्न नहीं हो सकोगी। अपितु तुम्हें उनकी विजय में ही अपनी विजय श्री का आभास होगा।

साथ ही साथ यह हार अब से तुम्हें हंसमुख होने का आभास भी कराएगा। भले ही किसी की परिस्थिति हो इतने ही बुरे हालात क्यों न हो लेकिन हर परिस्थिति में तुम्हें निराशा को त्याग कर हंसमुख रहना होगा।

मेहंदी का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि मेहंदी क्यों लगाई जाती है? इसका क्या महत्व है? यह मेहंदी इस बात का प्रतीक है कि आज से तुम्हें अपने ससुराल में अपने स्नेह और प्रेम की लालिमा बनाए रखनी होगी। साथ ही साथ यह तुम्हारे पति के प्रति निष्ठा का भी प्रतीक होगी।



सिंदूर का महत्व

अब आप मुझे यह बताइए कि मांग में सिंदूर क्यों भरा जाता है? इसका क्या महत्व है? तुम्हारे लिए यह तुम्हारे पति की लंबी आयु का प्रतीक है।

आज के बाद तुम्हें प्रतिदिन ही सिंदूर को अपनी मांग में भरना होगा। साथ ही साथ तुम्हें परमात्मा से प्रार्थना भी करनी होगी कि वे सदा ही सुखी रखें और किसी भी परिस्थिति में तुम्हारी मांग का सिंदूर ना उजड़े।

मंगलसूत्र का महत्व

मां आप मुझे मंगलसूत्र का अर्थ बता दीजिए कि इसे क्‍यों धारण किया जाता है? इसका क्या महत्व है? यह मंगलसूत्र तुम्हारे सुखी दांपत्य जीवन का प्रतीक होगा।

इसे धारण कर लेने के बाद भूल कर भी तुम्हारे मन में अपने पति के प्रति अविश्वास का भाव नहीं आएगा। यह मंगलसूत्र तुम्हें इतनी शक्ति प्रदान करेगा कि तुम बड़ी ही सहजता से अपने दांपत्य जीवन की सभी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर सकोगी।

इतना ही नहीं आज के बाद यह मंगलसूत्र तुम्हारे और तुम्हारे पति के भाग्य को जोड़कर एक कर देगा। जिससे कि तुम्हें उन सभी सुखों की हर प्रकार की बुरी दृष्टि और नकारात्मक शक्तियों से भी बचाएगा।



इस प्रकार से दोस्तों रानी सुनैना ने राजकुमारी सीता को सोलह सिंगार के भाव पूर्ण अर्थ प्रस्तुत किए थे। इसी के साथ हमारी यह कथा भी यहीं समाप्त हुई। आशा करते हैं आपको यह जानकारी जरूर अच्छी लगी होगी। इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर अवश्‍य करें।

 

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